सचिव का कहना है कि लिखित परीक्षा में एक-एक अंक पर हजारों अभ्यर्थी रहे हैं। इसीलिए जब केवल तीन अंक सभी को दिए गए तो 14 से 16 हजार अभ्यर्थी बढ़े हैं, वरना परिणाम का प्रतिशत कम होता।
उत्तर प्रदेश सहायक अध्यापक भर्ती 2019 में बीएड वालों का दबदबा
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