हम नही सुधरेंगे : कोरोना वायरस और हम - कमल कृपाल - प्राइमरी का मास्टर - UPTET | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Shiksha Mitra News लॉकडाउन के दौरान पढ़ाई कैसे इस सम्बन्ध में टिप्स : इस समय हमारा देश नावेल कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी से जूझ रहा है । पूरे देश में लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद हैं । जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है । ऐसे में शिक्षक मोबाइल द्वारा अभिभावकों व बच्चों से बात करें । उन्हें कोरोना वायरस से बचाव के तरीके बताएं ।बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें । शिक्षा विभाग द्वारा जारी एजुकेशनल ऐप Diksha, E-Pathshala, Nishtha ऐप में डिजिटल पठन पाठन सामग्री है । ये Google Play Store में उपलब्ध हैं । स्मार्टफोन में डाउनलोड कर अभिभावकों से बच्चों को घर पर ही पढ़ाई के लिए प्रेरित करें । यूनिसेफ द्वारा प्रायोजित "मीना की दुनिया" व " फुल ऑन निक्की" रेडियो कार्यक्रम सुनाएं । उनके साथ शैक्षिक गेम जैसे पहेली आदि खेले,आलेख, सुलेख, चित्रकला संबंधी गतिविधियाँ कराएँ ।
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    Friday, 27 March 2020

    हम नही सुधरेंगे : कोरोना वायरस और हम - कमल कृपाल

    बायोलोजिकल वार कहें या फिर नेचुरल एपीडेमिक ।  कोरोना वायरस महामारी से पूरा विश्व आज सकते में हैं । हर तरफ़ कोरोना वायरस से बचाव कैसे करें ? इस बात की ही चर्चा हो रही है । अमेरिका को या चाइना या फिर इज़राइल सभी  ने अपनी वैज्ञानिक क्षमता इस वायरस से लगने में लगा दी है । वायरस का एंटीडॉट अभी नही मिल पाया है  । कोरोना से बचाव व रोकथाम के नाम पर हमरे पास फ़िलहाल अहतियात के सिवाय कुछ नही है । उस पर हमारा ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैया उचित नही है ।

    हम नही सुधरेंगे : कोरोना वायरस और हम - कमल कृपाल


    हम नही सुधरेंगे : कोरोना वायरस और हम - कमल कृपाल


    कोरोना वायरस से बचाव के उपाय 

    • मसलन - सोशल डिसटेंसिंग मेंटेंन करना है ।
    • हर घंटे साबुन या हैंडवाश से अच्छे से हाथ धोना है ।
    • खांसी या छींक आने पर अपने हाथ की कोहनी लगानी है । अगर कोई नैपकिन, इशु पेपर हो तो उसका इस्तेमाल करना है । 
    • इस्तेमाल के बाद टिशु पेपर को सावधानी से डस्टबीन में डालना है ।
    • घर से बाहर नकलने पर हाथों को साफ़ करने के लिए अल्कोहल बेस्ड सेनेटाईज़र का उपयोग करना है ।
    • सर्दी,खांसी,बुख़ार, साँस लेने में दिक़्क़त हो तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएँ
    स्वास्थ्य विभाग ने ये एजवाइज़री जारी की है जिसका पालन आम जन को करना था । इन सबसे सबसे अधिक प्रभावी सोशल डिसटेंसिंग है । जिससे कोरोना वायरस की चेन का रोका जा सकता है । इसको अपनाने से कोरोना वायरस को अगले स्टेप में बढ़ने स रोका जा सकता है ।

    लेकिन एजवाइज़री को मानने के बजाय लोगों की गम्भीरता कोरोना वायरस को लेकर ख़ास नही दिखती पड़ रही है । लोग सड़कों पर निकल रहे हैं । जन जागरूकता अभियान टीवी, न्यूज़ पेपर व मोबाइल में कॉलर ट्यून ने माध्यम से जारी है । फिर भी लोग जीवन भाग दौड़ इसी लॉक डाउन के दौरान करने की सोच रखी है ।
    अगर यही हाल रहा तो कोरोना वायरस से पीड़ितों में भारत भी चाइना, इटली व अमेरिका को पीछे छोड़ देगा और भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का कहा सच हो जाएगा उन्होंने लॉकडाउन लागू होने के दिन कहा था कि "  अगर आप 21 दिन तक घरों में नही रुके, तो आप का परिवार 21 वर्ष पीछे चला जाएगा ।
    कोरोना वायरस महामारी के दौरान अफ़वाहों का भी बाज़ार गर्म है । सोशल मीडिया पर जिसका नमूना आप देख सकते हैं । एक शीशी लिए एक सज्जन आते हैं और कोरोना के इलाज की गारंटी लेते हैं । अरे जब इतनी असरदर दवा है । फिर सोशल मीडिया में आने के बजाय ज़िला प्रशासन को सूचित करिए । ताकि उसका परिक्षण हो सके । ये न करके कोरोना की दवा सोशल मीडिया में पिला देना चाहते हैं ।
    कही कही पर अफ़वाह फैल रही है की चूड़ियों दो दान देने से कोरोना ठीक हो जाता है । और आगे जो लिखने जा रहा हूँ उसे पढ़कर आप हंस पड़ेंगे -

    कोरोना शांत हो....
    याद आया ? कुछ लोग कोरोना वायरस को एक राक्षस मान बैठे हैं और उसको शांत करने के लिए उसकी एक प्रतिमा बनाकर उसे खीर पूड़ी खिला रहे हैं । और सोशल मीडिया पर उसकी विडियो भी शेयर कर रहे हैं । कोरोना वायरस 2019 को भागने के लिए लोग यही नही रुके उन्होंने गोमूत्र व गोबर स्नान पार्टी भी की । जिसमें गोमूत्र व गोबर स्नान के अलग अलग रेट भी तय किए गये । आयोजन बड़ा धूम धाम से हुआ, विडियो भी खूब वायरल हुआ । इतना टोटका करने के बाद भी कोरोना का प्रकोप कम नही हुआ बढ़ता ही गया।  अब तक यूपी में 45 से लगभग कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या पहुँच गयी है । तभी न कह रहे -... हम नही सुधरेंगे ।

    अयोध्या में एक जाने माने संत का बयान आया कोरोना वायरस उनका कुछ बिगाड़ नही सकता है ।और लोगों को अयोध्या पहुँचने का आहवाहन भी उन्होंने कहा है । उनको समझाने में अफ़सरों को पसीना आ गया । फिर भी वो नही मान रहे है । ऐसा नही है उन्हें कोरोना की भयावह स्थिति का पता नही है । सब पता है.....
    लेकिन हम नही सुधरेंगे ।

     कोरोना वायरस महामारी को फैलने में अधिकतर बढ़े लिखें व वीआइपी व वीवीआइपी लोगों का कुछ ज़्यादा ही हाथ है । अब चाहे कणिका कपूर गायिका की बात हो या फिर मध्य प्रदेश सरकार के शपथ ग्रहण समरोह हो । इन दोनो स्थितियों को बिलकुल भी नज़र अन्दाज़ नही किया जा सकता है । मध्य प्रदेश सरकार के नए मुख्य मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण में जमा हुए मंत्री, सासंद की वायरल तश्वीर को देखकर लोगों ने यही कहा ---
    हम नही सुधरेंगे...

    उच्च स्तर पर बैठे राजनेताओं से लोगों की उम्मीद एक आदर्श प्रस्तुत करने की होती है । ताकि लोग उनका अनुसरण करें । लॉकडाउन के दौरान किया गया आचरण किसी स्तर पर अच्छा नही कहा जा सकता है । सब जानते हुए भी देश के प्रधानमंत्री की बात ना मानना अनुशासनहीनता को दर्शाता है ।

    लेखक : कमल कृपाल 
    बेसिक शिक्षक परिवार समूह के एडिटर हैं ।





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